Santosh Kumar | October 21, 2025 | 07:30 AM IST | 32 mins read
एनटीए ने अभ्यर्थियों को आधार कार्ड, यूडीआईडी कार्ड (दिव्यांग व्यक्तियों के लिए) और श्रेणी प्रमाण पत्र अपडेट करने की सलाह दी है।

JEE Main 2026 Notification Live Updates: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने जेईई मेन 2026 के सेशन 1 (जनवरी) और 2 (अप्रैल) की परीक्षा तिथियां जारी कर दी हैं। आधिकारिक सूचना के अनुसार, जेईई (मेन) 2026 दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा- पहला जनवरी 2026 में और दूसरा अप्रैल 2026 में होगा।
जेईई मेन सेशन 1 की परीक्षा 21 से 30 जनवरी के बीच निर्धारित है, जबकि सेशन 2 की परीक्षा 1 से 10 अप्रैल के बीच आयोजित की जानी है। आधिकारिक नोटिस के मुताबिक जेईई मेन सेशन 1 के लिए आवेदन विंडो अक्टूबर 2025 में एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.ac.in पर खुलेगी।
जेईई मेन 2026 अधिसूचना एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट jeemain.nta.nic.in पर जारी की जाएगी और इसमें जेईई मेन 2026 रजिस्ट्रेशन और परीक्षा से संबंधित जानकारी साझा की जाएगी। जेईई मेन परीक्षा बीई/बीटेक, बीआर्क और बीप्लानिंग पाठ्यक्रमों के लिए आयोजित की जाती है, जो आईआईटी और अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के द्वार खोलती हैं।
जेईई मेन 2026 परीक्षा पैटर्न में कोई बड़ा बदलाव अपेक्षित नहीं है। इसमें पेपर 1 (बीई/बीटेक) के लिए 75 प्रश्न और पेपर 2 (बीआर्क/बीप्लानिंग) के लिए अलग सेक्शन होंगे। जेईई मेन एडमिट कार्ड परीक्षा से 10-15 दिन पहले जारी किया जाएगा।
पिछले रुझानों के अनुसार, जेईई मेन 2026 सत्र 1 रिजल्ट फरवरी में घोषित होने की उम्मीद है। एनटीए ने हाल ही में एक एडवाइजरी जारी कर उम्मीदवारों से जेईई मेन 2026 रजिस्ट्रेशन से पहले अपने दस्तावेज अपडेट करने को कहा है।
एनटीए ने आधार कार्ड, यूडीआईडी कार्ड (दिव्यांग व्यक्तियों के लिए) और श्रेणी प्रमाणपत्र को अपडेट करने की सलाह दी है। एनटीए जेईई मेन 2026 पेपर 2 के कुल अंक 400 हैं। जेईई मेन 2026 पेपर 1 के कुल अंक 300 हैं।
पात्रता मानदंडों के अनुसार, उम्मीदवारों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित विषयों के साथ कक्षा 12 या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। 2026 सत्र के लिए, 2024 या 2025 में उत्तीर्ण होने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।
सामान्य वर्ग के लिए कक्षा 12वीं में 75% अंक (एससी/एसटी के लिए 65%) अनिवार्य है, यदि एनआईटी/आईआईटी/सीएफटीआई में प्रवेश लेना हो। प्रयासों की संख्या तीन वर्षों में अधिकतम छह (दो सेशन प्रति वर्ष) तक सीमित है।