AICTE: एआईसीटीई ने 'इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉक्टोरल फेलोशिप' शुरू की, 5 वर्षों में खर्च होंगे 245 करोड़
Saurabh Pandey | September 5, 2026 | 01:45 PM IST | 1 min read
एआईसीटीई ने 245 करोड़ के बजट के साथ 'AIEDFP' फेलोशिप प्रोग्राम लॉन्च किया है, जिसके तहत 150 पीएचडी शोधकर्ताओं को मदद मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक अकादमिक रिसर्च की बजाय ऐसे प्रैक्टिकल रिसर्च को बढ़ावा देना है।
नई दिल्ली : ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने 'इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप डॉक्टोरल फेलोशिप प्रोग्राम' (AIEDFP) की शुरुआत की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे डॉक्टोरल (PhD) रिसर्च को बढ़ावा देना है, जो व्यावहारिक समाधानों और वास्तविक दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव में बदल सके।
एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह और सदस्य सचिव प्रो. श्यामा रथ ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया, जिसके लिए अगले पांच वर्षों में 245 करोड़ रुपये के वित्तीय खर्च का अनुमान लगाया गया है। इस पहल के तहत 150 पीएचडी फेलोशिप को सहयोग दिया जाएगा और इसका पूरा ध्यान ऐसे शोध पर केंद्रित होगा, जिसका नवाचार और उद्यमिता में उपयोग हो सके।
पांच साल मिलेगी आर्थिक मदद
चुने गए फेलो को योग्यता की शर्तों और एकेडमिक व रिसर्च प्रोग्रेस के आधार पर पांच साल तक आर्थिक सहायता मिलेगी। फेलोशिप के तहत पहले तीन साल के लिए हर महीने 60,000 रुपये और लागू हाउस रेंट अलाउंस (HRA) दिया जाएगा। अगले दो साल के लिए यह राशि बढ़कर 70,000 रुपये प्रति माह और लागू HRA हो जाएगी।
यह प्रोग्राम समस्या-आधारित और एप्लीकेशन-ओरिएंटेड डॉक्टरेट रिसर्च पर केंद्रित होगा, जिसमें ऐसे नतीजों पर जोर दिया जाएगा जो प्रयोगशालाओं और विश्वविद्यालयों से आगे बढ़कर असर डाल सकें। रिसर्चर्स को ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जिनसे इनोवेशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, कमर्शियलाइज़ेशन, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, एंटरप्रेन्योरियल वेंचर्स और सामाजिक प्रभाव पैदा हो सकें।
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10 लाख रुपये तक का इनोवेशन ग्रांट
हर स्कॉलर को 10 लाख रुपये तक का इनोवेशन ग्रांट भी मिल सकता है। इस ग्रांट का इस्तेमाल प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, टेस्टिंग, वैलिडेशन, फील्ड ट्रायल्स, डेटा कलेक्शन, यात्रा और अन्य रिसर्च गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जो किसी आइडिया को इस्तेमाल के लायक समाधान में बदलने के लिए जरूरी हों। स्कॉलर छह से 12 महीने के लिए वैकल्पिक तौर पर इंडस्ट्री का अनुभव भी ले सकते हैं।
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