Gujarat RTE Admission 2025-26: गुजरात आरटीई एडमिशन पंजीकरण rte.orpgujarat.com पर शुरू, पात्रता मानदंड जानें
Saurabh Pandey | March 3, 2025 | 03:04 PM IST | 1 min read
आरटीई मानदंडों के अनुसार, निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों और वंचित वर्गों के लिए आरक्षित हैं। जिला शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से प्रवेश फॉर्म भरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।
नई दिल्ली : शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत पूरे गुजरात के निजी स्कूलों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर बैकग्राउंड के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी। इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 12 मार्च 2025 तक जारी रहेगी।
आरटीई मानदंडों के अनुसार, निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटें ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों और वंचित वर्गों के लिए आरक्षित हैं। जिला शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से प्रवेश फॉर्म भरते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है।
अधिकारियों ने माता-पिता को झूठे दस्तावेज जमा करने के खिलाफ चेतावनी दी है। अपना आयकर रिटर्न जमा करने वालों को आवेदन पत्र जमा करते समय अपने वित्तीय दस्तावेजों को सही ढंग से घोषित और अपलोड करना होगा।
Gujarat RTE Admission 2025-26: आरटीई सीटें
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अहमदाबाद के 1,300 निजी स्कूलों में कुल 14,778 खाली सीटें भरी जाएंगी। हर साल, प्राथमिक शिक्षा निदेशालय शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले आरटीई प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करता है।
Gujarat RTE Admission 2025-26: एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया
- उम्मीदवारों को गुजरात राज्य का नागरिक होना चाहिए।
- परिवारों की सालाना आय 1.5 लाख रुपये से कम होना चाहिए।
- आवेदक अनाथ बच्चे, किंडरगार्टन बच्चे, बाल श्रमिक/प्रवासी श्रमिक, विकलांग बच्चे, जो बीपीएल, सामाजिक और आर्थिक रूप से गरीब समुदाय के बच्चों को अधिक प्राथमिकता दी जाती है।
- छात्रों की उम्र 3 से 6 साल के बीच होनी चाहिए।
- माता-पिता को वास्तविक आय प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करना होगा।
Also read UNICEF Internship: यूनिसेफ इंटर्नशिप क्या है? एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, फायदे, अवधि जानें
Gujarat RTE Admission 2025-26: फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सख्ती
पिछले कुछ वर्षों में, फर्जी आरटीई प्रवेश के कई मामले सामने आए हैं। पिछले वर्ष फर्जी आय प्रमाण पत्र के कारण 200 छात्रों का प्रवेश रद्द किया गया था। अहमदाबाद में, 140 माता-पिता जाली दस्तावेजों के साथ पकड़े गए, और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने तुरंत कार्रवाई की।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- IRIS 2026: 27 क्षेत्रों के 54 स्कॉलर्स को मिला फैकल्टी रिसर्च अवार्ड; आईआईटी, एम्स, आईआईएम के शोधकर्ता शामिल
- IRIS 2026: इंडिया रिसर्च एंड इम्पैक्ट समिट 1 अक्टूबर को, नीति आयोग सदस्य समेत कई दिग्गज एजुकेटर्स होंगे शामिल
- UPSC Mains Marks: केंद्रीय सूचना आयोग ने यूपीएससी मेंस के अंकों का विवरण प्रकाशित करने की सिफारिश की
- JEE Advanced: जेईई-एडवांस्ड में 3 प्रयास की मांग तेज, 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने मंत्रालय को दिया प्रतिवेदन
- NITI Aayog Report: स्कूलों में छठी कक्षा से ही रोजगारपरक कौशल पर हो ध्यान, नीति आयोग का सुझाव
- आजादी के 80वें साल में भी 'कागजी' दावों के बीच फंसी शिक्षा व्यवस्था; पेपर लीक व बजट की कमी से जूझ रहे छात्र
- Teacher Vacancy Crisis: बिहार में टीचर्स के 2.70 लाख+ पद खाली; झारखंड, एमपी समेत कई राज्यों में हजारों वैकेंसी
- NEET 2026 Paper Leak: नीट पेपर तैयार और अनुवाद का काम एक ही समूह के शिक्षकों को देने से हुई गड़बड़ी - सूत्र
- MCC NEET Counselling 2026: नीट काउंसलिंग शेड्यूल जल्द, जेपी नड्डा ने की समीक्षा, छात्र-केंद्रित कई बड़े सुधार
- NEET Paper Leak: एक नहीं कई बार लीक हो चुका है नीट का पेपर; जानिए काला सच