KJMU Lucknow: केजीएमयू लखनऊ के छात्रावासों में नॉनवेज भोजन पकाने पर रोक, बाहर से मंगाने पर नहीं कोई प्रतिबंध

Abhay Pratap Singh | July 15, 2026 | 11:49 AM IST | 2 mins read

एक वरिष्ठ संकाय सदस्य ने कहा, क्या हम एक चिकित्सा विश्वविद्यालय नहीं हैं? क्या अब चिकित्सकों को उन मरीजों को अंडा खाने की सलाह देना भी बंद कर देना चाहिए, जिन्हें इसे खाने में कोई चिकित्सीय समस्या नहीं है?

केजीएमयू के प्रवक्ता ने कहा, “केजीएमयू प्रशासन द्वारा संचालित 18 भोजनालय में न तो मांसाहारी भोजन पकाया जाता है और न ही परोसा जाता है। (इमेज-आधिकारिक वेबसाइट)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) ने अपने सभी छात्रावासों में नॉनवेज भोजन पकाने पर रोक लगा दी है। हालांकि, छात्र बाहर से मांसाहारी भोजन मंगा सकेंगे। यह कदम उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल द्वारा छात्रावासों में मांसाहारी भोजन पकाए जाने पर जताई गई चिंता के बाद उठाया गया है।

राज्यपाल सोमवार को केजीएमयू के दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंची थीं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि परिसर के तीन छात्रावासों में मांसाहारी भोजन पकाया जा रहा है।

केजीएमयू के अधिकारियों ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि विश्वविद्यालय के किसी भी छात्रावास के भोजनालय में मांसाहारी भोजन शामिल नहीं है। हालांकि, अब परिसर और छात्रावासों में छात्रों द्वारा निजी स्तर पर मांसाहारी भोजन पकाने की भी निगरानी की जाएगी और उस पर रोक लगाई जाएगी।

नाम न उजागर करने की शर्त पर एक वरिष्ठ संकाय सदस्य ने कहा, “क्या हम एक चिकित्सा विश्वविद्यालय नहीं हैं? क्या अब चिकित्सकों को उन मरीजों को अंडा खाने की सलाह देना भी बंद कर देना चाहिए, जिन्हें इसे खाने में कोई चिकित्सीय समस्या नहीं है? क्या हम देशभर से आए छात्रों की खान-पान संबंधी पसंद की अनदेखी कर उन पर अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगा रहे?”

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केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ कुमार शांतनु ने कहा, “केजीएमयू प्रशासन द्वारा संचालित 18 भोजनालय में न तो मांसाहारी भोजन पकाया जाता है और न ही परोसा जाता है। कुछ निजी भोजनालय हैं, जिन्हें छात्र सहकारी व्यवस्था के तहत संचालित करते हैं। वहां मांसाहारी भोजन बनाया जाता था, लेकिन राज्यपाल की टिप्पणी के बाद उन्हें भी ऐसा नहीं करने की सख्त सलाह दी गई है।”

उन्होंने बताया कि कुलपति डॉ सोनिया नित्यानंद ने राज्यपाल द्वारा उठाए गए मुद्दों की समीक्षा के लिए प्रतिकुलपति की अध्यक्षता में एक कार्यबल गठित किया है। कुमार शांतनु ने स्पष्ट किया कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए बाहर से मांसाहारी भोजन मंगाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है।

इससे पहले 15 जून को राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के तीसरे दीक्षांत समारोह के दौरान भी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रावास के भोजनालय में सप्ताह में दो दिन मांसाहारी भोजन परोसे जाने की आवश्यकता पर सवाल उठाए थे।

इस संबंध में आरएमएलआईएमएस के अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल छात्रावास की भोजन सूची में सप्ताह में दो बार मांसाहारी भोजन शामिल है। उनका कहना है कि यह निर्णय मुख्य रूप से छात्रों की समितियों ने लिया था। अधिकारी ने कहा, ठराज्यपाल महोदया ने यह मुद्दा उठाया है, इसलिए इस पर प्राथमिकता के आधार पर चर्चा की जाएगी।”

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