Santosh Kumar | March 10, 2026 | 02:26 PM IST | 2 mins read
कई स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि क्यूआर कोड को स्कैन करने पर रिक एस्टली का पॉपुलर गाना "नेवर गोना गिव यू अप" बज गया।
Download this ebook to learn about 50+ entrance exams for 12th students to get admission to the best colleges for undergraduates.
Download EBook
नई दिल्ली: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की कक्षा 12 की गणित परीक्षा 9 मार्च को आयोजित हुई। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर यूट्यूब लिंक खुलने का मामला सामने आया, जिससे सोशल मीडिया पर हलचल मच गई। कई छात्रों ने दावा किया कि क्यूआर कोड स्कैन करने पर पॉपुलर गायक रिक एस्टली का मशहूर गाना “नेवर गोना गिव यू अप” चलने लगा। इस घटना के बाद प्रश्नपत्र की प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठे और छात्रों व अभिभावकों में चिंता बढ़ गई। मामले को बढ़ता देख अब बोर्ड ने सफाई जारी की है।
Sample Papers 2025: Physics | Chemistry | Biology | Maths | Computer Science | Economics
Sample Papers 2025: English-Core | English-Elective | Hindi-Core | Hindi-Elective | History
सीबीएसई बोर्ड की तरफ से जारी एक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि क्वेश्चन पेपर्स में क्यूआर कोड समेत कई सिक्योरिटी फीचर्स दिए गए हैं, ताकि सिक्योरिटी ब्रीच होने पर क्वेश्चन पेपर्स के असली होने को वेरिफाई किया जा सके।
12वीं कक्षा की गणित की परीक्षा 9 मार्च को आयोजित की गई। कुछ प्रश्न पत्र सेटों में, क्यूआर कोड से यूट्यूब वीडियो ओपन हो गया। इससे परेशान छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच प्रश्नपत्रों की प्रामाणिकता को लेकर चिंता बढ़ गई है।
बोर्ड पुष्टि करता है कि प्रश्नपत्र असली हैं। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है। साथ ही, सीबीएसई बोर्ड ने इस मामले को गंभीरता से लिया गया है और यह सुनिश्चित करने के लिए ध्यान रखा जाएगा कि ऐसा दोबारा न हो।
Also readCBSE Board Exam 2026: सीबीएसई ने बोर्ड एग्जाम से पहले फेक न्यूज और अफवाहों को लेकर जारी की एडवाइजरी
स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्क्रीनशॉट और वीडियो शेयर किए, जिसमें दिखाया गया कि क्वेश्चन पेपर के ऊपर दिया गया क्यूआर कोड, नॉर्मल वेरिफिकेशन के बजाय एक म्यूजिक वीडियो पर रीडायरेक्ट कर रहा था।
कुछ यूजर्स ने इसे बोर्ड की लापरवाही बताया, जबकि दूसरों ने मजाकिया मीम्स बनाए। इस घटना ने एग्जाम के दौरान स्टूडेंट्स को अचानक मनोरंजन तो दिया, लेकिन बोर्ड के प्रिंटिंग और क्वालिटी कंट्रोल प्रोसेस पर भी सवाल खड़े कर दिए।