जीएसवी और मोनाश विवि ऑस्ट्रेलिया ने रेलवे इंजीनियरिंग अनुसंधान एवं शिक्षा में सहयोग के लिए एमओयू साइन किया
Abhay Pratap Singh | September 18, 2024 | 01:53 PM IST | 3 mins read
गति शक्ति विश्वविद्यालय और मोनाश इंस्टीट्यूट ऑफ रेलवे टेक्नोलॉजी के बीच साझेदारी के माध्यम से संयुक्त अनुसंधान प्रयोगशाला और कार्यकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएंगे।
नई दिल्ली: गति शक्ति विश्वविद्यालय (GSV) ने नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के मोनाश विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य मोनाश इंस्टीट्यूट ऑफ रेलवे टेक्नोलॉजी (IRT) के माध्यम से रेलवे इंजीनियरिंग में संयुक्त अनुसंधान, शिक्षा और कार्यकारी प्रशिक्षण में सहयोग को सुविधाजनक बनाना है।
इस समझौता ज्ञापन पर मोनाश विश्वविद्यालय के उप कुलपति-अंतराष्ट्रीय एवं वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रोफेसर क्रेग जेफरी और गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी के बीच हस्ताक्षर किए गए। वाणिज्य मंत्री व ऑस्ट्रेड दक्षिण एशिया की प्रमुख डॉ. मोनिका कैनेडी ने नई दिल्ली स्थित ऑस्ट्रेलियाई उच्चायोग में इस कार्यक्रम की मेजबानी की।
एमओयू साइन के माध्यम से एडवांस टेक्नोलॉजी रेलवे इंजीनियरिंग पर केंद्रित एक संयुक्त अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना के साथ-साथ भविष्य की औद्योगिक परियोजनाओं पर सहयोग के अवसरों की खोज की जाएगी, जिससे दोनों पक्षों को पारस्परिक लाभ मिलेगा और ऑस्ट्रेलियाई और भारतीय रेलवे प्रणालियों को आगे बढ़ाया जा सकेगा। संयुक्त शैक्षिक कार्यक्रम और कार्यकारी प्रशिक्षण एक अन्य महत्वपूर्ण सहयोग क्षेत्र होगा।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रोफेसर क्रेग जेफरी ने कहा, “मैं मोनाश विश्वविद्यालय द्वारा जीएसवी के साथ साझेदारी करने पर बहुत प्रसन्न हूं, जो परिवहन और रसद क्षेत्रों में भारत का पहला विश्वविद्यालय है। मोनाश आईआरटी लगातार नई तकनीकों का विकास कर रहा है, ताकि उत्पादकता और सुरक्षा आवश्यकताओं को बढ़ाने के साथ-साथ जोखिम और लागत को कम किया जा सके।”
उन्होंने आगे कहा कि, “संस्थान के पास रेलवे से संबंधित तकनीकी मुद्दों को हल करने का एक स्थापित ट्रैक रिकॉर्ड है और इसके समाधानों को दुनिया भर में रेलवे प्रणालियों द्वारा अपनाया गया है। मोनाश आईआरटी और जीएसवी के बीच यह नई साझेदारी भारत के साथ मोनाश के जुड़ाव का एक और विस्तार है।”
प्रो मनोज चौधरी ने कहा, “जीएसवी एक उद्योग-संचालित और नवाचार-आधारित विश्वविद्यालय है, जिसका उद्देश्य परिवहन और रसद क्षेत्रों के माध्यम से राष्ट्रीय विकास को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करना है। रेलवे देश के परिवहन क्षेत्र की जीवन रेखा है और तेजी से तकनीकी प्रगति के साथ रेलवे क्षेत्र विकसित भारत की ओर एक परिवर्तनकारी यात्रा कर रहा है।”
चौधरी ने आगे कहा कि, “मोनाश विश्वविद्यालय के साथ हमारी बहुत सी समानताएं हैं, जो एक शोध-गहन विश्वविद्यालय है जो वैश्विक प्रभाव के लिए अग्रणी संस्थानों और उद्योग के साथ काम करता है।” एमओयू हस्ताक्षर समारोह में मोनाश विश्वविद्यालय ऑस्ट्रेलिया, रेल मंत्रालय, गति शक्ति विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेड, डीएफसीसीआईएल, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जीएसवी एक ‘अपनी तरह का पहला’ विश्वविद्यालय है जिसका लक्ष्य रेलवे, विमानन, शिपिंग, बंदरगाहों, राजमार्गों, सड़कों और जलमार्गों आदि में राष्ट्रीय विकास योजनाओं (पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान 2021 और राष्ट्रीय रसद नीति 2022) के अधिदेश को पूरा करना है। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम व्यावहारिक प्रासंगिकता और अत्याधुनिक शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किए गए हैं।
बता दें कि, गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) वडोदरा की स्थापना 2022 में संसद के एक अधिनियम के माध्यम से की गई थी, जिसका उद्देश्य संपूर्ण परिवहन और रसद क्षेत्रों के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव शक्ति और प्रतिभा तैयार करना है। यह केंद्रीय विश्वविद्यालय भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है और इसके पहले कुलाधिपति रेल, सूचना और प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव हैं।
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