IIIT-B 24th Convocation: आईआईआईटी बेंगलुरु के 24वें दीक्षांत समारोह में मां-बेटे ने एक साथ प्राप्त की डिग्री
Abhay Pratap Singh | July 7, 2024 | 06:44 PM IST | 2 mins read
आईआईआईटी बेंगलुरू में आयोजित दीक्षांत समारोह में 343 छात्रों ने संस्थान से स्नातक की उपाधि प्राप्त की, इनमें 11 स्कॉलर्स भी शामिल हैं।
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान बेंगलुरु (IIIT-B) ने आज यानी 7 जुलाई को अपने 24वें वार्षिक दीक्षांत समारोह का आयोजन किया। आईआईआईटी बेंगलुरु के दीक्षांत समारोह कार्यक्रम में एक ही मंच पर मां और बेटे ने पीएचडी (PhD) और इंटीग्रेटेड एमटेक (Integrated M.Tech) की डिग्री हासिल की।
आईआईआईटी-बी के दीक्षांत समारोह में आर विनय (एमटेक), अंकित अग्रवाल (आई-एमटेक) और कोगतम भरत (एमएससी डिजिटल सोसाइटी) को संस्थान स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। वहीं, दिवाकर चित्तौड़ा को स्वर्गीय एन. रामा राव मेडल फॉर एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर प्रदान किया गया।
दीक्षांत समारोह में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में नैसकॉम की अध्यक्ष देबजानी घोष भी मौजूद रहीं। समारोह की अध्यक्षता आईआईआईटी-बेंगलुरु गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष व पद्म भूषण क्रिस गोपालकृष्णन और आईआईआईटी-बेंगलुरु के निदेशक प्रोफेसर देबब्रत दास ने की।
Also read XLRI Delhi NCR में पीजीडीएम बैच 2024-26 में महिलाओं की संख्या बढ़कर 30.7 प्रतिशत हुई
आईआईआईटी बेंगलुरू में आयोजित समारोह में 343 छात्रों ने संस्थान से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इनमें इंटीग्रेटेड मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी प्रोग्राम के 121 स्नातक, मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी प्रोग्राम के 174 छात्र, डिजिटल सोसाइटी प्रोग्राम में मास्टर ऑफ साइंस के 14 विद्यार्थी, मास्टर ऑफ साइंस रिसर्च प्रोग्राम से 23 और 11 पीएचडी स्कॉलर्स शामिल हैं।
छात्रों को बधाई देते हुए प्रो देबब्रत दास ने कहा, “छात्रों के एक समूह ने ब्लॉकचेन और एआई लार्ज लैंग्वेज मॉडल, वीएलएसआई, कम्यूनिकेशन, मशीन लर्निंग एंड सॉफ्टवेयर स्टैक जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया और राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय हैकथॉन एवं कोडिंग प्रतियोगिताओं में जीत हासिल की है। उन्होंने सीपीयू आर्किटेक्चर संवर्द्धन और एआई-आधारित गलत सूचना का पता लगाने और मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म के क्षेत्रों में स्टार्ट-अप के साथ उद्यमशीलता परिदृश्य को मजबूत किया है।”
प्रोफेसर दास ने आगे कहा, “आज का दीक्षांत समारोह एक अनूठे व दिल को छू लेने वाले पल के साथ और भी खास बन गया, जहां एक मां और बेटे ने एक ही मंच पर अपनी डिग्री प्राप्त की। रंजनी निरंजन को पीएचडी की डिग्री से सम्मानित किया गया, जबकि उनके बेटे राघव एसएन को इंटीग्रेटेड एमटेक (बीटेक + एमटेक) की डिग्री से सम्मानित किया गया।”
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी