IIM Sirmaur: आईआईएम सिरमौर ने ‘लीडरशिप इन स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग’ में पीजी कार्यक्रम किया शुरू
Abhay Pratap Singh | August 6, 2024 | 10:25 PM IST | 2 mins read
भारतीय प्रबंधन संस्थान सिरमौर ने आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय जर्मनी के सहयोग से ‘लीडरशिप इन स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग’ में अधिकारियों के लिए स्नातकोत्तर कार्यक्रम की शुरुआत की।
नई दिल्ली: भारतीय प्रबंधन संस्थान, सिरमौर (IIM Sirmaur) ने लीडरशिप इन स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग (LSM) पर केंद्रित अधिकारियों के लिए स्नातकोत्तर (पीजी) कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। बताया गया कि एक वर्षीय, पूर्णकालिक, पूर्णतः आवासीय पीजी-एलएसएम प्रोग्राम के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जर्मनी में आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय के सहयोग से विकसित इस अत्याधुनिक कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ पेशेवरों को उद्योग 4.0 के युग में नेतृत्व करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करना है। स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में आ रही कठिनाईयों से निपटने के लिए पीजी-एलएसएम को डिजाइन किया गया है।
प्रतिभागियों को आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय में एक मॉड्यूल (सेमेस्टर) में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें जर्मनी में एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सुविधाओं और बेहतरीन अभ्यास का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा।
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार पात्रता मानदंड, आवेदन की समय सीमा और अन्य विवरणों के बारे में अधिक जानकारी के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आईआईएम) सिरमौर की ऑफिशियल वेबसाइट www.iimsirmaur.ac.in पर विजिट कर सकते हैं। लीडरशिप इन स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम जनवरी 2025 से शुरू होगा।
यह एडवांस प्रोग्राम कठोर शैक्षणिक पाठ्यक्रम को उद्योग विशेषज्ञों की व्यावहारिक अंतर्दृष्टि के साथ जोड़ता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि अनुभवी इंजीनियर स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में नवीनतम प्रौद्योगिकियों, रणनीतियों और नेतृत्व अभ्यास की व्यापक समझ हासिल कर सकें। पाठ्यक्रम को स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में नवीनतम प्रगति को कवर करने के लिए तैयार किया गया है, जिसमें स्वचालन, डिजिटल परिवर्तन, एआई, आईओटी और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस शामिल है।
आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय में RWTH इंटरनेशनल एकेडमी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ हेल्मुट डिंगर ने कहा, “आईआईएम सिरमौर के साथ यह सहयोग स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग में शिक्षा और नवाचार को आगे बढ़ाने के हमारे साझा दृष्टिकोण का प्रमाण है। हम अधिकारियों के पहले समूह का स्वागत करने और इस परिवर्तनकारी क्षेत्र में अग्रणी बनने की उनकी यात्रा का समर्थन करने के लिए तत्पर हैं।”
आईआईएम सिरमौर के निदेशक प्रोफेसर डॉ. प्रफुल्ल अग्निहोत्री ने कहा, “हमें आरडब्ल्यूटीएच आचेन विश्वविद्यालय के सहयोग से पीजी-एलएसएम शुरू करने पर गर्व है। यह कार्यक्रम विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने और वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हमारा मानना है कि हमारे स्नातक स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
अगली खबर
]Anuprati Coaching Scheme: राजस्थान सरकार ने छात्रों के लिए मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना का किया विस्तार
राजस्थान सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत ने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराने के लिए यह योजना शुरू की थी।
Abhay Pratap Singh | 2 mins readविशेष समाचार
]- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी