Santosh Kumar | August 26, 2024 | 04:14 PM IST | 3 mins read
डॉक्टर्स फॉर यू के अध्यक्ष रजत जैन ने नीट पीजी 2024 रिजल्ट विवाद पर सोशल मीडिया पर लिखा, "नीट पीजी जैसी उच्च-स्तरीय परीक्षाओं में पारदर्शिता बेहद जरूरी है।"
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नई दिल्ली: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) द्वारा जारी किए गए नीट पीजी 2024 रिजल्ट को लेकर विवाद हर गुजरते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थी एनबीईएमएस को राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा आयोजित करने में अक्षम बता रहे हैं। छात्रों का कहना है कि नीट पीजी 2024 के नतीजों में पारदर्शिता होनी चाहिए। उन्होंने स्कोरकार्ड को अपर्याप्त बताते हुए आंसर-की और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की है।
डॉक्टर्स फॉर यू के अध्यक्ष रजत जैन ने नीट पीजी 2024 परिणाम पर चल रहे विवाद पर छात्रों की मांगों के मद्देनजर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "कई सेटों और सामान्यीकरण के साथ नीट पीजी जैसी उच्च-स्तरीय परीक्षाओं में पारदर्शिता बहुत जरूरी है।"
उन्होंने आगे लिखा, एनबीई को नीट पीजी 2024 की आंसर-की जारी करनी चाहिए, सामान्यीकरण प्रक्रिया को सार्वजनिक करना चाहिए और प्रत्येक छात्र के रॉ मार्क्स प्रदर्शित करने चाहिए। इससे निष्पक्षता सुनिश्चित होगी और सिस्टम पर छात्रों का विश्वास बढ़ेगा।"
एनबीईएमएस ने 23 अगस्त को नीट पीजी 2024 का रिजल्ट जारी किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने रिजल्ट को लेकर नाराजगी जताई। छात्रों का कहना है कि पहली शिफ्ट और दूसरी शिफ्ट की रैंक में काफी अंतर है। उन्होंने एम्स दिल्ली के नॉर्मलाइजेशन मेथड पर भी सवाल उठाए हैं।
नीट पीजी 2024 के उम्मीदवार आदित्य राज ने परिणाम से निराश होकर 'एक्स' पर लिखा, "एक साल से अधिक समय तक कड़ी मेहनत करने के बावजूद नीट पीजी 2024 का परिणाम मेरे पक्ष में नहीं आया।" एक अन्य यूजर ने भी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि कई सीनियर्स ने शाम की शिफ्ट में परीक्षा दी थी और उन्हें 5-6 हजार रैंक की उम्मीद थी। लेकिन वे अपनी वास्तविक रैंक 15-20 हजार देखकर बहुत निराश हैं।
इस बीच, कई फैकल्टी सदस्यों के आगे आने से कई छात्रों को उम्मीद है कि अन्य लोग भी बोलना शुरू करेंगे ताकि छात्रों को न्याय मिल सके। एक्स यूजर नीरज सिंह ने ट्वीट कर सभी कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों से इस पर चिंता व्यक्त करने और छात्रों के साथ खड़े होने का अनुरोध किया है। उन्होंने बोर्ड से नीट पीजी रिजल्ट विसंगति, नीट पीजी आंसर की, नीट पीजी स्कोरकार्ड और नॉर्मलाइजेशन के बारे में जानकारी साझा करने की मांग की है।
वहीं, कुछ एक्स यूजर्स ने नीट पीजी 2024 की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया की तुलना नीट यूजी 2024 के ग्रेस मार्क्स से की। उनका कहना है कि नीट यूजी की तरह इस घोटाले का भी पर्दाफाश होना चाहिए और निष्पक्ष नीट पीजी 2024 रिजल्ट जारी किया जाना चाहिए।
जानकारी के लिए बता दें कि नीट पीजी 2024 परीक्षा को लेकर विवादों की लंबी कहानी रही है। सबसे पहले मार्च में होने वाली नीट पीजी परीक्षा को एनबीईएमएस ने 3 बार स्थगित किया था, जिसके कारण अभ्यर्थियों को मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा था।
अगस्त में जब परीक्षा हुई थी, तब बोर्ड ने केंद्र स्थानांतरण के मुद्दे पर अभ्यर्थियों को परेशान किया। इसके बाद डबल शिफ्ट और नॉर्मलाइजेशन के मुद्दे ने छात्रों की परेशानी और बढ़ा दी। अब नीट पीजी के नतीजे अप्रत्याशित रूप से जारी होने से हंगामा मचा हुआ है।
प्रतिक्रियाओं के अनुसार, हजारों उम्मीदवारों को उनकी उम्मीद के विपरीत अंक मिले हैं और यह भी स्पष्ट नहीं है कि प्रतिशत का सामान्यीकरण कैसे किया गया। इसके अलावा, कोई शिकायत पोर्टल भी नहीं है जो इन समस्याओं को हल कर सके। इस स्थिति में, उम्मीदवारों के पास अंतिम विकल्प अदालत जाने का ही रह जाता है।