Press Trust of India | July 4, 2024 | 03:35 PM IST | 2 mins read
कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। पूनिया ने कहा कि राज्य में रेल रोको अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया है और केंद्र सरकार से नीट परीक्षा रद्द करने की मांग की जा रही है।
Know your admission chances in Medical, Dental & AYUSH colleges with NEET score/rank.
Try Now
नई दिल्ली: नीट यूजी 2024 परीक्षा में धांधली को लेकर देशभर में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राजस्थान यूथ कांग्रेस ने गुरुवार (4 जुलाई) को गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट यूजी) 2024 को रद्द करने की मांग की। राज्य के अन्य शहरों में भी 'रेल रोको अभियान' के जरिए विरोध किया जा रहा है।
NEET 2024: College Predictor | Cutoff (OBC, SC, ST & General Category)
NEET 2024 Admission Guidance: Personalised | Study Abroad
NEET 2025: Syllabus | Most Scoring concepts | NEET PYQ's (2015-24)
जयपुर में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक अभिमन्यु पूनिया के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता गांधी नगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस के सदस्यों ने हाथों में तख्तियां लिए हुए थे।
इसके साथ ही कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी नारेबाजी की। पूनिया ने कहा कि राज्य में रेल रोको अभियान के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया है और केंद्र सरकार से नीट परीक्षा रद्द करने की मांग की जा रही है।
Also readNEET 2024 Controversy: थलापति विजय ने किया नीट का विरोध, बोले- "एक राष्ट्र, एक पाठ्यक्रम संभव नहीं"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने भी नीट 2024 और यूजीसी नेट परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ अपनी एक दिवसीय छात्र हड़ताल के तहत आज, 4 जुलाई को दो विश्वविद्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान छात्रों ने कोलकाता के जादवपुर विश्वविद्यालय के गेट के सामने टायर जलाए। साथ ही प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के सामने धरना भी दिया। छात्रों ने दोनों परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी की मांग की।
एसएफआई द्वारा हड़ताल के कारण कई विश्वविद्यालयों में कक्षाएं बाधित रहीं। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की जादवपुर विश्वविद्यालय इकाई के सदस्य अभिनब बसु ने कहा कि अधिकांश छात्रों ने प्रदर्शनकारिय़ों को समर्थन दिया है और उन्होंने किसी को भी परिसर में प्रवेश करने से नहीं रोका।
उन्होंने आगे कहा, ''हमारा शांतिपूर्ण विरोध दोपहर तक जारी रहेगा।'' छात्र संगठन की राज्य इकाई ने इस मुद्दे पर कोलकाता और पश्चिम बंगाल के अन्य हिस्सों में पूरे दिन विरोध रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई है।