NEET UG Counselling 2024: मेडिकल कॉलेज की सीटें फाइनल होने के बाद शुरू होगी काउंसलिंग, संभावित तिथि जानें
Press Trust of India | July 6, 2024 | 07:08 PM IST | 2 mins read
केंद्र और एनटीए ने 5 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि बिना किसी सबूत के परीक्षा रद्द करना बेहद प्रतिकूल होगा और इससे लाखों ईमानदार उम्मीदवारों पर "गंभीर प्रभाव" पड़ेगा।
नई दिल्ली: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट-अंडरग्रेजुएट (नीट यूजी) 2024 के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया इस महीने के अंत तक शुरू हो सकती है। नीट काउंसलिंग 2024 सत्र जुलाई के पहले सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद थी। हालांकि, इसे अगले आदेश तक के लिए टाल दिया गया है। सूत्रों ने कहा कि कुछ मेडिकल कॉलेजों को अनुमति पत्र जारी करने की प्रक्रिया अभी भी चल रही है और अतिरिक्त सीटों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद नीट यूजी काउंसलिंग 2024 की डेट तय की जाएगी।
आधिकारिक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त सीटें जोड़े जाने की संभावना है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नीट काउंसलिंग 2024 की तारीख की घोषणा की जाएगी ताकि पहले चरण में ही नए कॉलेजों की सीटों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जा सके।" उन्होंने कहा कि इस महीने के अंत में नीट काउंसलिंग शुरू होने की संभावना है।
NEET UG Counselling 2024: एनटीए की दलील
इससे पहले, नीट यूजी 2024 परीक्षा रद्द करने की मांगों के बीच, केंद्र और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार (5 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि बिना किसी सबूत के परीक्षा रद्द करना बहुत प्रतिकूल होगा इससे लाखों ईमानदार उम्मीदवारों पर "गंभीर प्रभाव" पड़ सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने नीट यूजी 2024 परीक्षा की काउंसलिंग प्रक्रिया को स्थगित करने से इनकार कर दिया था। बता दें कि एनटीए सरकारी और निजी संस्थानों में एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नीट यूजी आयोजित करता है।
यह परीक्षा इस साल 5 मई को आयोजित की गई थी, जिसमें 571 शहरों के 4,750 परीक्षा केंद्रों पर करीब 23 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। प्रश्नपत्र लीक होने समेत अनियमितताओं के आरोपों के चलते कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए और विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया।
NEET Counselling 2024: उच्च स्तरीय समिति गठित
नीट परीक्षा में अनियमितताओं को लेकर अदालतों में भी कई मामले दायर किए गए थे। नीट यूजी और पीएचडी प्रवेश परीक्षा 'नेट' में कथित अनियमितताओं को लेकर जनता में व्याप्त आक्रोश के बीच केंद्र ने सुबोध सिंह को एनटीए महानिदेशक के पद से हटा दिया है।
केंद्र ने पूर्व इसरो प्रमुख आर राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की है। सरकार ने कहा कि समिति परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और एनटीए की संरचना और कार्यप्रणाली पर सिफारिशें करेगी। समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।
इसके अलावा 7 जुलाई तक ऑनलाइन सुझाव और विचार भी मांगे गए हैं। 8 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला और मनोज मिश्रा की पीठ 26 याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे। मेडिकल परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कई याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी