UGC ने विश्वविद्यालयों से प्रवेश के लिए वैदिक बोर्ड के प्रमाणपत्रों को मान्यता देने का आग्रह किया
Santosh Kumar | September 7, 2024 | 08:59 PM IST | 1 min read
विश्वविद्यालयों और सरकारी भर्तियों के लिए एमएसआरवीएसएसबी द्वारा जारी प्रमाण पत्र अन्य बोर्डों के प्रमाण पत्रों के समान ही मान्य होंगे।
नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षा संस्थानों से आग्रह किया है कि वे अपने पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए नव स्थापित वैदिक बोर्ड पर विचार करें। शिक्षा मंत्रालय ने दो साल पहले महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड (एमएसआरवीएसएसबी) को नियमित स्कूल बोर्ड के रूप में मान्यता दी थी।
महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान (MSRVSSB) ने यह नया बोर्ड बनाया है। इसके तहत वेद भूषण पाठ्यक्रम कक्षा 10 के समकक्ष होगा और वेद विभूषण पाठ्यक्रम कक्षा 12 के समकक्ष होगा। इस बोर्ड द्वारा दिए गए प्रमाण पत्र विश्वविद्यालयों और सरकारी भर्तियों के लिए अन्य बोर्डों के प्रमाण पत्रों की तरह ही मान्य होंगे।
यूजीसी ने नोटिस में कहा, "यह नोटिस महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड की स्थापना और इसके प्रमाणपत्रों की अन्य केंद्रीय और राज्य स्कूल बोर्डों के प्रमाणपत्रों के साथ समकक्षता के संबंध में शिक्षा मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के संदर्भ में जारी किया गया है। सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों से अनुरोध है कि वे इसका ध्यान रखें और आवश्यक कार्रवाई करें।"
भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू), जो भारत में स्कूल बोर्डों को समकक्षता प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा नामित निकाय है, ने महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड (एमएसआरवीएसएसबी) को कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा की योग्यता के लिए मान्यता दी है।
साथ ही इसे एक नियमित स्कूल बोर्ड के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई है। संगठन को एआईयू से अनुमोदन के लिए आवेदन करने की सलाह दी गई है। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने एनसीईआरटी के परामर्श से बोर्ड के उपनियमों और वैधानिक आवश्यकताओं पर सहमति व्यक्त की है।
अगली खबर
]विशेष समाचार
]- JEE Main 2026: एनआईटी इलाहाबाद में प्रवेश के लिए जेईई मेन में कितने अंक चाहिए? पात्रता, फीस और कटऑफ जानें
- JEE Main 2026: एनआईटी दिल्ली के लिए जेईई मेन में कितने मार्क्स चाहिए? जानें पात्रता, फीस, कटऑफ, औसत पैकेज
- राजस्थान की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की तैयारी, ‘लाडू’, ‘रोटलो’ और ‘मोटो बापो’ जैसे स्थानीय शब्द होंगे शामिल
- राजस्थान में 7,000+ कम नामांकन वाले स्कूलों को मर्ज करने की तैयारी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने जताया विरोध
- अगले 5 साल में 10 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना, आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने दी जानकारी
- राज्यसभा में कांग्रेस सदस्य ने की हर स्कूल में छात्राओं के लिए अलग शौचालय सुनिश्चित करने की मांग
- हरियाणा के 23 जिलों में बनेंगे 90 आदर्श परीक्षा केंद्र, एचएसएससी अभ्यर्थियों को मिलेगी फ्री बस सुविधा
- Career Options After JEE: जेईई के बाद करियर के बेस्ट विकल्प क्या-क्या है? ट्रेंड्स जानें
- Rajasthan Budget 2026: एनटीए की तर्ज पर बनेगी स्टेट टेस्टिंग एजेंसी, भर्तियों का तोहफा; बजट में प्रमुख घोषणाएं
- Pariksha Pe Charcha 2026: स्वयं को तकनीक का गुलाम न बनाएं, क्षमता बढ़ाने में करें उपयोग- छात्रों से पीएम मोदी