Santosh Kumar | March 24, 2026 | 11:36 AM IST | 2 mins read
यूपीएससी ने प्री परीक्षा आयोजित करने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं।

नई दिल्ली: राज्यसभा में सरकार ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा आयोजित करने के बाद अपनी वेबसाइट पर अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं। आयोग आईएएस, आईएफएस और आईपीएस आदि के लिए अधिकारियों के चयन हेतु प्रतिवर्ष 3 चरणों - प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार - में सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है।
कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले के अनुपालन में, यूपीएससी ने प्री परीक्षा आयोजित करने के बाद आधिकारिक वेबसाइट पर अस्थायी उत्तर कुंजी जारी करने के लिए दिशानिर्देश तैयार कर लिए हैं।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह प्रक्रिया, जो 2026 की सिविल सेवा (प्री) परीक्षा से लागू होगी, यूपीएससी द्वारा आयोजित सभी संरचित परीक्षाओं पर लागू होगी। मंत्री ने कहा, "प्री परीक्षा के अंक अंतिम रिजल्ट घोषित होने के बाद ही जारी किए जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक विषयों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए, यूपीएससी अंतर-विषय मॉडरेशन लागू करता है ताकि किसी भी उम्मीदवार को, चाहे उसने कोई भी वैकल्पिक विषय चुना हो, किसी भी प्रकार का नुकसान न हो।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि विस्तृत जानकारी यूपीएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध है। मंत्री से वैकल्पिक विषयों तथा सीएसएटी में आने वाली समस्याओं की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रक्रिया का मानकीकरण किए जाने के बारे में प्रश्न किया गया था।
जितेंद्र सिंह ने बताया कि तथ्यात्मक त्रुटियों को चुनौती देने के लिए, यूपीएससी के पास 'प्रश्न पत्र प्रतिनिधित्व पोर्टल' (क्यूपीआरईपी) नामक एक समर्पित मंच है, जो इसकी वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मंत्री ने बताया कि 2026 से उम्मीदवार पोर्टल के जरिए उत्तर कुंजी में त्रुटियों पर आपत्ति दर्ज कर सकेंगे। साथ ही, CPGRAMSऔर ईमेल से मिली शिकायतों का भी निपटारा किया जाता है, जहां नागरिक ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं।